जानें जन्म कुंडली में सूर्य शुभ हैं या अशुभ, और अशुभता दूर करने के उपाय

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14 मार्च 2020 को सूर्य का राशि परिवर्तन हो चुका है. इस समय सूर्य मीन राशि में गोचर कर रहे हैं. इस दिन से ही खरमास जिसे मलमास भी कहा जाता है कि शुरूआत हो जती है. खरमास लगने के बाद कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता है. जब भी सूर्य धनु या मीन राशि में प्रवेश करते हैं तो खरमास लगता है. सूर्य अपनी धूरी पर घुमने या राशि भ्रमण में 30 दिन का समय लेते हैं.

जिस व्यकित की कुंडली में सूर्य अशुभ होते हैं तो शरीर में अकड़न. आंख में परेशानी, आंखों की रोशनी का कम होना. मुंह में बार बार थूक आना. नौकरी या प्रामोशन में बाधा. उच्चाधिकारियों से संबंध अच्छे न होना इसके प्रमुख लक्षण होते हैं. इन लक्षणों को व्यक्ति को गंभीरता से समझना चाहिए.

सूर्य जब जन्म कुंडली में शुभ स्थिति में होते हैं तो व्यक्ति का चेहरा प्रभावशाली और चमकता हुआ होता है. अच्छा सूर्य व्यक्ति को अधिकारी,मंत्री, बॉस बनाता है. ऐसे लोग किसी के अधीन होकर काम करना पसंद नहीं करते हैं. सूर्य जन्म कुंडली के 9 और 10 वें भाव में अच्छे फल प्रदान करते हैं.

चंद्र, गुरु और मंगल के लिए सूर्य मित्र हैं. सूर्य सिंह राशि के स्वामी हैं. जबकि शुक्र, राहु, और शनि के शत्रु हैं. बुध और केतु के लिए सूर्य समभाव हैं. सूर्य मेष में उच्च और तुला में नीच के माने गए हैं.

उपाय:
भगवान विष्णु की पूजा करने से सूर्य शुभ फल प्रदान करते हैं. अपने अधीनस्थों को पीड़ा न पहुंचाने से भी सूर्य की स्थिति कुंडली में अच्छी बनती है. सुबह स्नान करने के बाद सूर्य को जल देने से भी ये प्रसन्न होते हैं. किसी शुभ कार्य के लिए घर से निकलने से पूर्व कुछ मीठा खाकर और पानी पीकर ही निकलना चाहिए.

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