करोड़ों हिंदुस्तानियों के दिलों पर राज कर रहे अमिताभ बच्चन को दादा साहब फाल्के अवार्ड से नवाजा गया

मनाेरञ्जन

महानायक अमिताभ बच्चन को रविवार को फिल्मों के सर्वोच्च सम्मान दादासाहेब फाल्के पुरस्कार से नवाजा गया…

दादासाहेब फाल्के पुरस्कार किसी कलाकार के लिए भारतीय सिनेमा का सर्वोच्च सम्मान है

राष्ट्रपति भवन में अमिताभ बच्चन ने कहा, “जब इस पुरस्कार की घोषणा की गई तो मुझे लगा कि शायद यह संकेत है कि मैंने बहुत काम किया है, अब मुझे घर बैठना चाहिए लेकिन कुछ काम बाकी हैं, जिन्हें मुझे पूरा करना है।”अवॉर्ड मिलने के बाद अमिताभ बच्चन ने सभी का धन्यवाद दिया।  इस दौरान वो थोड़े भावुक भी हो गए।

बता दें कि अमिताभ बच्चन को बॉलीवुड में काम करते हुए 50 साल हो चुके हैं। उन्होंने 1969 में आई फिल्म ‘सात हिंदुस्तानी’ से करियर शुरू किया था। फिल्म इंडस्ट्री में बिग बी के योगदान को ध्यान में रखते हुए ही उन्हें इस अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

अमिताभ बच्चन पिछले काफी दिनों से बीमार चल रहे थे उन्हों ने इस बात की जानकारी दी थी कि वह अवॉर्ड सेरेमनी में शामिल नहीं हो पाएंगे। अमिताभ ने कहा था कि खराब सेहत के चलते वह ट्रैवल नहीं कर सकते।

बिग बी ने भविष्य को लेकर कि बात :

अमिताभ बच्चन ने अपनी स्पीच में कहा कि आगे भी कुछ ऐसी संभावनाएं बन रही हैं, जहां मुझे काम करने का अवसर मिलेगा। यदि इसकी पुष्टि हो जाए तो बड़ी कृपा होगी आपकी। धन्यवाद…।

दादा साहेब फाल्के सम्मान कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान के लिए दिया जाता है. अमिताभ बच्चन से पहले ये सम्मान विनोद खन्ना, मनोज कुमार, शशि कपूर, गुलजार और प्राण सहित कई नामी कलाकारों को दिया जा चुका है. साल 1969 में सबसे पहले यह सम्मान अभिनेत्री देविका रानी को दिया गया था.

76 वर्षीय अमिताभ बच्चन ने 1970 के दशक में जंजीर, दीवार और शोले जैसी फिल्मों के माध्यम से युवा पीढ़ी के गुस्से को अभिव्यक्ति दी थी. इसके बाद उन्हें हिंदी सिनेमा का ‘एंग्री यंग मैन’ कहा जाने लगा था.

प्रकाश जावड़ेकर ने ट्वीट में लिखा, ‘दो पीढ़ियों का मनोरंजन तथा उन्हें प्रेरित करने वाले कलाकार अमिताभ बच्चन को सर्वसम्मति से दादासाहेब फाल्के पुरस्कार के लिए चुना गया है. पूरा देश एवं अंतरराष्ट्रीय समुदाय प्रसन्न है. उन्हें मेरी ओर से हार्दिक बधाई.’

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